दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए जो किया था योगी ने अब वही कर रहे डोनाल्ड ट्रंप… UP से अमेरिका तक योगी योगी

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अगर इस समय देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों की बात की जाए तो उसमें उत्तर प्रदेश के भगवाधारी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का नाम सबसे ऊपर होगा. योगी के नेतृत्व में जहाँ यूपी विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार समाज के दुश्मन अपराधियों, दंगाइयों को जमीन भी सुंघा रही है. यही कारण है कि अब दंगाइयों के खिलाफ अपनाये गए योगी मॉडल की गूंज अमेरिका तक में सुनाई दे रही है.

जी हाँ, अमेरिका में योगी मॉडल चर्चा में है. आपको ये खबर अचंभित भले करे लेकिन सच्चाई ये है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को ‘योगी मॉडल’ पसंद है. यूपी के योगी मॉडल की गूंज लखनऊ से 12,346 किलोमीटर दूर अमेरिका के व्हाइट हाउस में सुनाई दे रही है. बता दें कि पिछले साल दिसंबर, 2019 में नागरिकता कानून के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन के नाम पर दंगाइयों ने हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की.

उत्तर प्रदेश में भी दंगाइयों द्वारा हिंसा व तोड़फोड़ की गई थी और जगह-जगह आग लगाकर गाड़ियों, पुलिस चौकियों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था लेकिन ऐसी घटनाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से एक नई शुरुआत की थी. योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने का पूरा इंतजाम किया था. योगी सरकार ने 100 से ज्यादा जगहों पर पोस्टर्स लगाए थे और इन पोस्टर्स पर 57 दंगाइयों के नाम, उनका पता और उनसे वसूली जाने वाली रकम लिखी गई थी.

समाज के दुश्मन दंगाइयों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के उसी योगी मॉडल की गूंज राज्य की राजधानी लखनऊ से 12,346 किलोमीटर दूर अमेरिका के व्हाइट हाउस में सुनाई दे रही है. आपको बता दें कि व्हाइट हाउस के पास लेफायेट्टे स्क्वायर हुए दंगें के 15 आरोपियों की तस्वीरें पोस्टर में लगाई गई हैं. इन पर व्हाइट हाउस के पास लगी पूर्व राष्ट्रपति एंड्र्यू जैक्सन की प्रतिमा को गिराने की कोशिश करने का आरोप है.

ये था दंगाइयों के खिलाफ योगी मॉडल

सबसे पहले उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA के विरोध के नाम हिंसा, आगजनी तथा तोड़फोड़ करने वाले दंगाइयों को पकड़ने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया. फिर CCTV, वीडियो फुटेज आदि से दंगाइयों की पहचान की गई. इसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जो किया वो मिशाल बन गया. ऐसी मिशाल बना कि 7 समंदर पार अमेरिका में भी इसकी गूँज सुनाई देने लगी.

दंगाइयों की पहचान किये जाने के बाद शहर शहर चौराहे पर दंगाइयों से वसूली के पोस्टर लगाए गए. इसके बाद दंगाईयों को वसूली का नोटिस भेजे गए अर्थात CAA के विरोध के नाम दंगाइयों ने जो तोड़फोड़ की थी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था, उसकी वसूली उन्हीं दंगाइयों से करने का ऐतिहासिक व ज्वलंत निर्णय लिया गया. इसके बाद दंगाईयों को पकड़ने के लिये पुलिस की रेड हुई.

हांलाकि बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार ने हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगाने के आदेश पर रोक लगा दी थी. लेकिन इसका तोड़ निकालते हुए योगी सरकार रातों रात अध्यादेश ले आई. अब अमेरिका भी योगी के ;इसी मॉडल को अपना रहा है अर्थात अमेरिका में भी दंगाइयों के पोस्टर लगाए गए हैं. आगरा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात भी हुई थी, जब वो ताजमहल देखने आगरा आए थे.

दंगाइयों के ये पोस्टर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्टवीट करते हुए कहा कि “कई लोग हिरासत में लिए गए हैं, कई लोगों की तलाश जारी है जिन पर लेफायेट्टे स्क्वायर में सार्वजनिक संपत्ति तोड़ने का आरोप है. इसमें 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है.” बता दें कि अश्वेत अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस के हाथों मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए थे. इस प्रदेशन की आड़ में दंगाइयों ने कई जगह हिंसा, आगजनी, लूट तथा तोड़फोड़ की थी.

इस विरोध प्रदर्शन में कथित प्रदर्शनकारियों ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति एंड्र्यू जैक्सन की  मूर्ति पर चढ़कर उसे रस्सियों से बांध कर उसे खींच कर तोड़ दिया. इसके बाद ऐसा करने वालों के पोस्टर लगा दिए हैं तथा खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने इन पोस्टरों को ट्वीट किया है. अर्थात अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अब दंगाइयों के खिलाफ यूपी के योगी मॉडल को ही अपना लिया है.

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