योगीराज में घुटनों के बल आए आजम खान … सरकार ने छीनी जौहर यूनिवर्सिटी की 70 हेक्टेयर जमीन

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एक समय उत्तर प्रदेश के शासन तथा प्रशासन को अपने इशारे पर नचाने वाले सपा सांसद आजम खान योगीराज में घुटनों के बल आ चुके हैं. लंबे समय से जेल की सजा काट रहे आजम खान पर योगी की सत्ता का एक और हथौड़ा चला है. खबर के मुताबिक़, जौहर ट्रस्ट की संपत्ति विवाद मामले में एडीएम कोर्ट ने शनिवार को जौहर यूनिवर्सिटी की 70.005 हेक्टेयर जमीन को राज्य सरकार के नाम दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं.

कोर्ट ने एसडीएम सदर को आदेश दिया है कि जौहर ट्रस्ट की साढ़े बारह एकड़ जमीन को छोड़कर 70.005 हेक्टेयर जमीन राज्य सरकार को निहित कराई जाए. इस आदेश के बाद अब जौहर यूनिवर्सिटी की साढ़े बारह एक जमीन को छोड़कर बाकी जमीन प्रदेश सरकार के नाम दर्ज कराई जाएगी. यह जमीन अभी तक आजम खान की जौहर ट्रस्ट के नाम पर थी.

सांसद आजम खान की अध्यक्षता वाली मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को सपा की सरकार में 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति कुछ शर्तों के अधीन दी गई थी. यह जमीन जौहर यूनिवर्सिटी के लिए खरीदी जानी थी. अनुमति के बाद ट्रस्ट की ओर से यूनिवर्सिटी के लिए 160 एकड़ जमीन की खरीद की. आरोप है कि जमीन को खरीदने की अनुमति जिन शर्तों के अधीन दी गई थी उनका पालन नहीं किया गया.

इस मामले की शिकायत के बाद प्रशासन ने जौहर ट्रस्ट को आवंटित जमीनों की जांच एसडीएम सदर को सौंपी थी. जांच में जौहर विश्वविद्यालय के लिए अधिग्रहीत जमीनों के आवंटन में अनियमितताएं मिली थीं. आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए सपा शासन में जौहर ट्रस्ट को जमीन देते वक्त स्टांप शुल्क में इस शर्त पर माफी दी गई थी कि जमीन पर सामाजिक कल्याण कार्य होंगे.

जांच रिपोर्ट के अनुसार जौहर ट्रस्ट की इस जमीन पर जौहर विश्वविद्यालय चल रहा है, लेकिन पिछले दस सालों में चैरिटी का कोई कार्य न होने की बात भी सामने आई थी. इस पर एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया गया था. जांच में आरोप सही पाए जाने पर एडीएम की कोर्ट में वाद दर्ज कर लिया गया था. शनिवार को एडीएम जेपी गुप्ता की कोर्ट ने नियमों का पालन न करने का दोषी मानते हुए अपना फैसला सुनाया है.

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