अनिल देशमुख के कहने पर 100 करोड़ रुपए महीने की वसूली करने वाले सचिन वाजे के बुरे दिन शुरू … NIA ने लगाया UAPA

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मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोटक प्रकरण में गिरफ्तार किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे का खेल अब लगभग खल्लास होता हुआ नजर आ रहा है. NIA ने वाजे पर ऐसा केस लगाया है कि बचने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं. NIA ने सचिन वाजे पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) लगाया है. वही सचिन वाजे जो अनिल देशमुख के कहने पर 100 करोड़ रुपए महीने की वसूली कर रहे थे.

बता दें कि UAPA मुख्य काम आतंकी गतिविधियों को रोकना होता है. इस कानून के तहत पुलिस ऐसे आतंकियों, अपराधियों या अन्य लोगों की पहचान करती है, जो आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं, इसके लिए लोगों को तैयार करते हैं या फिर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. सचिन वाजे पर NIA ने UAPA की धारा 16 और 18 लगाई है. इससे सचिन वाजे की मुश्किलें बढ़ गई हैं. यह ऐक्ट काफी खतरनाक होता है. इसमें काफी कड़ी सजा का प्रावधान है. इसके तहत अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे उम्र कैद या कम से कम 5 साल की सजा होती है.

संबंधित व्यक्ति की संपत्ति की कुर्की-जब्ती हो सकती है. इस कानून के तहत किसी व्यक्ति पर शक होने मात्र से ही उसे आतंकवादी घोषित किया जा सकता है. इसके लिए उस व्यक्ति का किसी आतंकी संगठन से संबंध दिखाना भी जरूरी नहीं होगा. यानी इस मामले में NIA को काफी शक्तियां होती है. दूसरी तरफ यह भी खबर आ रही है कि सचिन वाजे के हर काम में प्रमुख सहयोगी रहे रियाजुद्दीन काजी को NIA अप्रूवर बना सकती है.

प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक़, रियाज काजी ने NIA से पूछताछ में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है. NIA सूत्रों के हवाले से खबर है कि उन्हें यह मौका दिया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक NIA ने इसकी जानकारी कोर्ट को दे भी दी है. रियाज काजी गिरफ्तारी से पहले अंबानी विस्फोटक प्रकरण और मनसुख हिरेन हत्या प्रकरण के के सहयोगी जांच अधिकारी भी रहा है.

क्राइम ब्रांच के सीआईयू यूनिट में असिस्टेंट पुलिस इंस्पैक्टर के तहत कार्यरत रियाज का ट्रांसफर एक दिन पहले ही किया गया है. अंबानी विस्फोटक प्रकरण, मनसुख हिरेन प्रकरण, परमबीर का लेटर बम, ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट जैसे मामले में मुंबई पुलिस पर कई सवाल उठे. इन सवालों के बीच मुंबई पुलिस में कई फेरबदल किए गए. मुंबई क्राइम ब्रांच के भी 28 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है.

इनमें ज्यादातर अधिकारी सचिन वाजे से संबंधित क्राइम ब्रांच के सीआईयू यूनिट के हैं. रियाज काजी भी उन्हीं अधिकारियों में से एक है. रियाज काजी को लोकल आर्म्स यूनिट में ट्रांसफर किया गया है. सचिन वाजे के एक करीबी अधिकारी का नाम प्रकाश होवल है. प्रकाश होवल को मालाबार हिल पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है.

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