दगाबाज दोस्त : बीमा कंपनी में साथ नौकरी करने वाले युवक ने साथी का कराया था अपहरण; मांगी थी 15 लाख की फिरौती, 5 गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश. उन्नाव में मंगलवार रात बीमा कंपनी में काम करने वाले युवक के अपहरण केस का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अपहरण कांड की पूरी स्क्रिप्ट लिखने वाले मुख्य साजिशकर्ता दोस्त समेत पांच आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की नजर दोस्त के परिवार के पैसों पर थी। इसीलिए उसने अपहरण की योजना बनाई और पीड़ित के पिता से 15 लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और एक अवैध तमंचा, सात जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।

लखनऊ से लौटते वक्त उन्नाव में हुआ अपहरण

दरअसल, कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के कृष्णापुरम निवासी हिमांशु पाल लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक बीमा कंपनी में गाड़ियों का बीमा करने का काम करते हैं। मंगलवार को हिमांशु अपने साथ काम करने वाले माल रोड निवासी दोस्त प्रतीक सिंह, आशीष सिंह व कोयला नगर निवासी नवीन उर्फ दुर्गेश यादव के साथ लखनऊ आए थे। रात करीब 8:30 बजे चारों एक कार से कानपुर अपने घर लौट रहे थे।

कार प्रतीक चला रहा था। हाइवे पर उन्नाव जिले में अजगैन कोतवाली के जगदीशपुर गांव के पास दुर्गेश ने लघुशंका की बात कहकर कार रुकवाई। तभी पीछे से आए कार सवार नकाबपोश बदमाशों ने रिवाल्वर की नोक पर हिमांशु और दुर्गेश को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और फरार हो गए। इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने सर्विलांस और SOG टीम को इस पूरे प्रकरण में लगाया।

प्रतीक ने हिमांशु के पिता को पूरे प्रकरण की जानकारी दी

इसी बीच उनके पास अपहरणकर्ताओं ने फोन कर 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी। यह भी कहा कि पैसे का इंतजाम न करने पर हिमांशु को जान से मार दिया जाएगा। लेकिन दुर्गेश के परिजनों को कोई फिरौती का फोन नहीं आया। हिमांशु के पिता ने अजगैन थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया। पुलिस ने 4 घंटे के बाद करीब 12:30 बजे तौरा थाना क्षेत्र के पुरवा के जंगल से हिमांशु पाल को बरामद किया। उसके दोनों हाथ कपड़े से बंधे थे। मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था।

पुलिस ने इस आरोपियों को पकड़ा

पुलिस ने घेराबंदी कर अभय प्रताप सिंह उर्फ रामजीत, दुर्गेश उर्फ नवीन यादव, शान मोहम्मद उर्फ शानू, शान मोहम्मद उर्फ बख्तावर, गोलू उर्फ रंग बहादुर को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने बताया कि हिमांशु के पिता हाल ही में बैंक से रिटायर हुए थे। जिसके चलते उनके रिटायरमेंट में एक बड़ी रकम मिली थी। उसकी पत्नी भी नौकरी करती है। जिसकी जानकारी उसके दोस्त दुर्गेश को थी। उसी ने अपने दोस्त हिमांशु के अपहरण की योजना बनाई।

                                                                                                      DEEPAK SHARMA

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