कल एक बार फिर जेएनयू छात्रसंघ करेगा संसद मार्च, देश के अलग-अलग यूनिवर्सिटी से माँगा समर्थन

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नई दिल्ली – हमेशा सुर्खियों में रहने वाली जेएनयू यूनिवर्सिटी में हॉस्टल मैन्युअल और फीस वृद्धि को लेकर विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी हैं. वही मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 3 सदस्यीय हाईपॉवर कमेटी शांति बहाली और हालात सामान्य करने का रास्ता निकालने शुक्रवार को छात्रों से बातचीत के लिए शाम 4 बजे जेएनयू कैंपस में जाएगी.

जबकि दूसरी तरफ जेएनयू छात्र संघ ने 23 नवंबर को अपनी मांग के समर्थन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विरोध में मंडी हाउस से संसद तक सिटीजंस मार्च का आवाह्न किया हैं. देशभर की यूनिवर्सिटी से समर्थन मांगा हैं.

इस बीच शिवसेना ने जेएनयू छात्रों पर पुलिस के ‘लाठीचार्ज’ को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बाेला हैं. शिवसेना ने मुखपत्र सामना में लिखा है कि केंद्र के मंत्री को छात्रों से बात करनी चाहिए थी.

वही जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के सदस्यों ने अध्यक्ष डीके लोहियाल की अगुवाई में गुरुवार को कमेटी के साथ बैठक की हैं. इस दाैरान शिक्षकाें ने सरकार ने हॉस्टल की बढ़ाई गई फीस पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की हैं. दो घंटे तक चली बैठक में शिक्षकों ने कुलपति को हटाने की भी मांग की हैं.

जानकारी के अनुसर, जेएनयू प्रशासन ने स्टूडेंट से मीटिंग के एक दिन पहले ही गुरुवार देर रात 66 पेज का एक नोट जारी कर हॉस्टल की बढ़ी फीस पर स्थिति स्पष्ट की. नोट के मुताबिक जेएनयू में 2005 से किसी भी तरह की फीस वृद्धि नहीं हुई थी. इसके लिए 2016 में प्रक्रिया शुरू हुई. इसके मुताबिक विश्विद्यालय के अपने कई खर्चे खुद उठाने की बात कही गई. ऐसे में फीस बढ़ाना विश्विद्यालय के लिए हर हाल में जरूरी हो गया हैं.

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