टिक टॉक सहित बैन 59 ऐप को लेकर सरकार ने सभी चाइना एप्प कंपनियों को भेजा नोटिस

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केंद्र सरकार ने 29 जून को चीन के 59 मोबाइल ऐप को भारत में बैन कर दिया था. जिन ऐप पर बैन लगा, उनमें टिकटॉक, शेयर इट, हैलो, UC ब्राउजर, लाइकी, वीचैट शामिल हैं. भारत ने कहा था कि इन ऐप्स से देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता ख़तरे में है. आरोप रहे हैं कि ये ऐप लम्बे समय से भारतीय यूज़र का डेटा चुराकर ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से देश के बाहर ले जाते हैं. हालांकि टिकटॉक जैसे ऐप ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया था.

केंद्र ने अब क्या किया?

अब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने इस ऐप्स को नोटिस भेजा है.

साथ ही 79 सवालों की एक लिस्ट भेजी है. मंत्रालय ने इन ऐप्स को तीन हफ्ते का समय दिया है, ताकि वो इन सवालों के जवाब दे सकें. अगर सरकार की ओर से तय समय सीमा के अंदर ये ऐप्स सवालों के जवाब नहीं देते हैं, तो इन्हें हमेशा के लिए बैन किया जा सकता है. नोटिस में कहा गया है कि अगर ये प्रतिबंधित ऐप 22 जुलाई तक जवाब नहीं देते हैं, तो उन पर लगाया गया प्रतिबंध स्थायी हो सकता है.

‘इंडिया टुडे’ टीवी को मिली जानकारी के मुताबिक, मंत्रालय को इन ऐप के बैकग्राउंड और ऑपरेशन पर भारतीय खुफिया एजेंसियों और वैश्विक साइबर प्रहरी से इनपुट मिल रहे हैं. एक बार सरकार को इन प्रतिबंधित चीनी ऐप्स से प्रतिक्रिया मिल गई, तो उनके जवाब का मिलान खुफिया एजेंसियों को मिलने वाली जानकारी से किया जाएगा. अगर किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो इन ऐप्स की मुसीबत और बढ़ जाएगी.

हालांकि चीन के प्रतिबंधित ऐप को इस नोटिस और 79 सवालों की लिस्ट से झटका लगा है, जो भविष्य में वापसी का सपना देख रहे थे.

किस तरह के सवाल पूछे गए हैं?

इन चीनी ऐप्स को भेजे गए 79 सवालों की लिस्ट में उनके कॉरपोरेट मूल, मूल कंपनियों की संरचना, फंडिंग, डेटा मैनेजमेंट और सर्वरों के बारे में जानकारी मांगी गई है, जो ये ऐप उपयोग कर रहे हैं. सरकार ने इन कंपनियों से सुरक्षा सुविधाओं के साथ-साथ अनधिकृत डेटा एक्सेस की जानकारी मांगी है, जिनका जासूसी और निगरानी गतिविधियों के लिए दुरुपयोग हो सकता है.

पहले भी पूछे थे इस तरह के सवाल

इन कंपनियों से मिले जवाब को विशेष समिति को भेज दिया जाएगा, जिसे मामले की स्क्रीनिंग का जिम्मा दिया गया है. इस बीच प्रश्नावली की प्रकृति को देखते हुए लग रहा है कि इन ऐप ऑपरेटरों के प्रतिबंध के खिलाफ सरकार के साथ सीधी सुनवाई होने की संभावना भी फीकी पड़ गई है.

TikTok और अन्य चीनी ऐप ऑपरेटरों का कहना है कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथम�

Amarjeet Kaur

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