गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट गए थे जीशान अयूब व तांडव टीम … सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

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तांडव बनाकर हिन्दू आस्थाओं का मजाक उड़ा लिया, भोलेनाथ से अंग्रेजी में गाली दिलवा ली, दलितों का अपमान भी कर लिया, सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश भी कर ली … इसके बाद शुरू हुआ योगी का ताण्डव तो भाग गए पहुँच गए सुप्रीम कोर्ट कि मी लॉर्ड .. बचाओ बचाओ … हमें बचाओ लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि अभिव्यक्ति का आजादी नाजायज फायदा उठाने वालों को हम कैसे बचाएं.

खबर के मुताबिक़, वेब सीरीज तांडव की टीम पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हथौड़ा चला दिया है. योगी सरकार की कार्यवाई व अन्य कई FIR दर्ज होने के बाद तांडव के एक्टर जीशान अयूब व मेकर्स सुप्रीम कोर्ट गए तथा अपील की कि हमें गिरफ्तारी से बचा लो लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया कि कैसे बचाएं? माना कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी है लेकिन ये अभिव्यक्ति आजादी असीमित नहीं है तथा अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर लोगों की आस्थाओं पर कुठाराघात नहीं किया जा सकता.

वेबसीरीज तांडव में हिंदू देवताओं पर आपत्तिजनक दृश्यों को दिखाए जाने को लेकर घिरे एक्टर, निर्माताओं और अमेजन प्राइम इंडिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई है. सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर मोहम्मद जीशान अयूब, अमेजन प्राइम वीडियो इंडिया और तांडव के निर्माताओं को उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर में गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अग्रिम जमानत या एफआईआर रद्द कराने के लिए वे हाई कोर्ट में गुहार लगाएं. कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी अनंत नहीं है.

ज्ञात हो कि वेब सीरीज तांडव के खिलाफ हिन्दुओं का आक्रोश चरम पर है तथा योगी सरकार ने भी तांडव मेकर्स के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है. इसके अलावा 6 और मामले दर्ज हुए हैं. योगी की यूपी पुलिस को मुंबई जाकर वेब सीरीज के डायरेक्टर अली अब्बास जफ़र के घर में घुसकर हाजिर होने का नोटिस भी चस्पा कर आई है. इससे डरे घबराये वेब सीरीज के मेकर्स व एक्टर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. लेकिन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए तांडव की टीम को बड़ा झटका दे दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने टीम को अंतरिं राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्क्रिप्ट नहीं लिखनी चाहिए जिससे भावनाएं आहत हों. इसी के साथ कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है और जिन छह राज्यों में एफआईआर दर्ज है. उनसे चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. दरअसल, सीरीज के निर्माता हिमांशु मेहरा, अभिनेता मोहम्मद जीशान अयूब और एमेजॉन प्राइम वीडियो इंडिया की हेड अपर्णा पुरोहित ने उनके खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट आज उनकी इस याचिका पर ही सुनवाई हुई.

सुनवाई करते हुए जस्टिस अशोक भूषण की अगुआई में 3 जजों की बेंच ने कहा कि आपके अभिव्यक्ति की आजादी असीमित नहीं है. आप ऐसे चरित्र की भूमिका नहीं निभा सकते जो किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाए. साफ़ है कि सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि अभिव्यक्ति की आजादी का गलत फायदा उठाओगे तो उसका परिणाम आपको भुगतना ही पडेगा. अब देखना ये है कि सुप्रीम फैसले के बाद पुलिस कब तांडव टीम को गिरफ्तार करती है.

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