कंगना व कपिल मिश्रा ने अर्णब के समर्थन में भरी हुंकार, कहा- सच्चाई का गला नहीं दबा सकेगी सोनिया सेना

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तेजतर्रार पत्रकार अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद देश की सियासत गरमा गई है. महाराष्ट्र की उद्धव सरकार तथा कांग्रेस पार्टी पर चौतरफा हमले किये जा रहे हैं तथा जमकर आलोचना की जा रही है. ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि महाराष्ट्र की शिवसेना कांग्रेस व एनसीपी की सरकार ने रिपब्लिक मीडिया के अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला किया है. इस बीच बॉलीवुड की मणिकर्णिका कंगना रनौत तथा दिल्ली बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने अर्णब गोस्वामी के समर्थन में आवाज बुलंद की है.

कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि आज अर्णब गोस्वामी के घर में घुस कर पुलिस ने मारा-पीटा है और उनके बाल नोचे हैं, उस तरह से आप कितने घर तोड़ेंगे, कितने गले दबाएँगे और कितनों के बाल नोचेंगे? उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र सरकार कितनों की आवाज़ें दबाएँगी? महाराष्ट्र की सरकार को ‘सोनिया सेना’ करार देते हुए कंगना ने कहा कि उनसे पहले तो कितने ही बलिदानियों के गले काटे गए और उन्हें लटका दिया गया, सिर्फ फ्री स्पीच के लिए। उन्होंने कहा, “एक आवाज़ बंद करेंगे तो कई आवाज़ें उठ जाएँगी, कितनी आवाजों को बंद करेंगे आप?” कंगना ने पूछा कि आपको कोई पेंगुइन, पप्पू सेना या सोनिया सेना कहता है तो गुस्सा क्यों आता है? उन्होंने कहा कि आप ये सब हो, तभी कोई कहता है.

साथ ही भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि अर्णब गोस्वामी के पास जो पुलिस गई है, ऐसा ‘पुलिसिया अत्याचार’ मीडिया के खिलाफ पहली बार दिख रहा है. उन्होंने पूछा कि अर्णब गोस्वामी की गलती क्या है, सवाल उठाना गलती है या फिर सच्चाई दिखाना गलती है? उन्होंने पूछा कि अपने दम पर इतना बड़ा चैनल खड़ा कर देना गलती है या फिर बाकी चैनल पीछे छूट गए, इसकी सज़ा दी जा रही है.

कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि अर्णब गोस्वामी के साथ-साथ मीडिया और मीडिया की आज़ादी को कुचलने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस ‘लोकतंत्र की हत्या’ के खिलाफ किसी को भी चुप नहीं रहना चाहिए. उन्होंने इसे मीडिया का गला दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि हथियारबंद पुलिस एक पत्रकार के घर में घुस कर उनके घर को गाड़ियों से घेर कर दिखाना क्या चाहती है? कपिल मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र इस प्रकार से नहीं चल सकता है, ये महाराष्ट्र सरकार को समझ आ जाना चाहिए.

इस बीच एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया भी आखिरकार अर्नब गोस्वामी के समर्थन में आ गई है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने महाराष्ट्र सरकार की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अपील की है कि अर्णब गोस्वामी के साथ न्यायोचित व्यवहार किया जाए और सरकार के आलोचकों के खिलाफ सत्ता की शक्ति का इस्तेमाल न किया जाए. सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक लोग अर्नब के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे हैं तथा उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं.

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