नंदीग्राम से 50 हजार वोटों से हराऊंगा ममता को वरना छोड़ दूंगा राजनीति- सुवेन्द्रू अधिकारी

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बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद ही हाई वोल्टेज रहा. यहां की राजनीति के दो दिग्गजों ने एक दूसरे के गढ़ में रैली व रोड शो कर सीधे चुनौती दी. मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने जहां हाल में भाजपा में शामिल होने वाले कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के गढ़ नंदीग्राम में मेगा रैली कर अगला विधानसभा चुनाव नंदीग्राम से लड़ने का बड़ा एलान किया. वहीं दूसरी ओर, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता में ममता बनर्जी के गढ़ में सोमवार को रोड शो कर हुंकार भरी.

अधिकारी ने ममता को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि नंदीग्राम से ममता बनर्जी को 50 हजार से ज्यादा वोट से हराऊंगा, नहीं तो राजनीति छोड़ दूंगा. सुवेंदु ने इस दौरान यह भी कहा कि ममता बनर्जी को नंदीग्राम की याद सिर्फ चुनाव के समय आती है. वह पांच साल बाद नंदीग्राम में आज रैली करने पहुंची थी। उन्होंने सवाल किया कि आपने नंदीग्राम के लिए क्या किया?

सुवेंदु ने यह भी आरोप लगाया कि जिस नंदीग्राम की बदौलत ममता बनर्जी 2011 में सत्ता में आई, उस नंदीग्राम आंदोलन के दौरान किसानों पर गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारी अरुण गुप्ता को राज्य सरकार ने चार बार एक्सटेंशन दिया है. उन्होंने कहा कि नंदीग्राम की जनता ममता बनर्जी को कभी माफ नहीं करेगी. दूसरी ओर, सुवेंदु के इस रोड शो के दौरान पथराव भी किया गया. इसका आरोप तृणमूल कार्यकर्ताओं पर है. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर भिड़ंत हुई. इस घटना में कई भाजपा कार्यकर्ताओं को काफी चोटें भी आई है.

गौरतलब है कि केंद्रीय से सुरक्षा व बुलेट प्रूफ गाड़ी मिलने के बावजूद भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. अब उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में बुधवार को याचिका दायर की है. उन्होंने अदालत से रैलियों में आने-जाने के दौरान राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है. कुछ दिनों पहले नंदीग्राम स्थित अधिकारी के दफ्तर में तोड़फोड़ हो गई थी, जिसका आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया था. हालांकि, तृणमूल ने इसका दोष भाजपा के सर मढ़ा दिया था.

सुवेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में सुरक्षा को लेकर दायर याचिका के जरिए अपनी राजनीतिक रैलियों में आने-जाने के दौरान पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की मांग की है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब अधिकारी अपनी सुरक्षा को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं.भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद ही उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मिलकर अपनी सुरक्षा पर चिंता जताई थी. बंगाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जिन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है उनके काफिले पर हमला हुआ था.

 

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