अयोध्या के बाद शुरू हुआ मथुरा मुक्ति अभियान… श्रीरामलला के बाद श्रीकृष्ण विराजमान पहुंचे कोर्ट

0
378

अयोध्या में राजन्मभूमि विवाद में रामलला विराजमान की जीत के बाद अब मथुरा में श्रीकृष्ण विराजमान में भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मथुरा की अदालत में एक सिविल मुकदमा दायर कर श्रीकृष्ण विराजमान ने अपनी जन्मभूमि मुक्त कराने की गुहार लगाई है. याचिका में 13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक मांगा गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि जन्मभूमि की जमीन पर मुगलकाल में ‘कब्ज़ा’ कर शाही ईदगाह बना दी गई थी. याचिका में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरी शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने मथुरा की सीनियर सिविल जज छाया शर्मा की अदालत में शुक्रवार को याचिका दाखिल की है. इसमें 13.37 एकड़ की जन्मभूमि पर दावा करते भगवान श्रीकृष्ण विराजमान ने अपने भक्तों अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री, प्रवेश कुमार, राजेशमणि त्रिपाठी, करुणेश कुमार शुक्ला, शिवाजी सिंह और त्रिपुरारी तिवारी के माध्यम से मालिकाना हक की मांग की है.

इस संबंध में जानकारी देते हुए अधिवक्ता हरी शंकर जैन ने बताया कि न्यायालय में दाखिल याचिका में कहा गया है कि जमीन के मालिक कृष्ण जन्मस्थान पर विराजमान भगवान श्रीकृष्ण है. जमीन पर मालिकाना हक उनका है. जबकि श्रीकृष्ण जन्म स्थान सोसाइटी द्वारा 12 अक्टूबर 1968 को कटरा केशव देव की जमीन का समझौता हुआ और 20 जुलाई 1973 को यह जमीन समझौते के बाद डिक्री की गई.

याचिका में मांग की गई है कि भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की जमीन की डिक्री करने का अधिकार सोसाइटी को नहीं हो सकता है. लिहाजा डिक्री खत्म की जाए और भगवान श्रीकृष्ण विराजमान को उनकी 13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक दिया जाए. अधिवक्ताओं ने बताया कि याचिका में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह, श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को प्रतिवादी बनाया गया है.

अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट से निर्णय आने के बाद से ही एक पक्ष अब काशी और मथुरा के मामले में भी लगातार लामबंदी कर रहा है. इसी क्रम अभी कुछ दिन पहले प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में साधु-संतों ने मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर चर्चा की थी.

इसमें संतों ने काशी-मथुरा के लिए लामबंदी शुरू करने की कोशि‍श शुरू की थी. वहीं राम जन्मभूमि आंदोलन में काफी मुखर और सक्रिय रहे बीजेपी के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार का इस मुद्दे पर कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि गर्भ गृह पर शाही मस्जिद बनाया गया है. जमीन पर बल पूर्वक कब्जा किया गया है. ईदगाह का मैदान भी हिंदुओं का है. जब तक आंदोलन चालू नहीं किया जाए प्रशासन जागता नहीं. केस जीत चुके हैं लेकिन अंदर के हिस्से के लिए लड़ाई बाकी है.”

भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता विनय कटियार ने आगे कहा, ”कब्जे की लड़ाई अदालत से लड़ा जाए या आंदोलन किया जाए, जो जरूरत होगा वही करेंगे. श्रीकृष्ण जन्मभूमि लिए जिन्होंने याचिका दाखिल किया, बहुत अच्छा काम किया. कटियार ने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में सच की जीत हुई, श्रीराम लला की जन्मभूमि मुक्त हुई, वैसे ही मथुरा में भी श्रीकृष्ण विराजमान की विजय होगी, भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मुक्त होगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here