सेक्स कर्मी का 19 वर्षीय बेटा जीबी रोड दिल्ली में यौनकर्मियों को बांट रहा है राशन, उनकी योजना 800 परिवारों तक राशन पहुंचाने की है

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19 वर्षीय कुणाल यह सुनिश्चित कर रहा है कि जीबी रोड के करीब 800 यौनकर्मियों को वो सभी जरूरत का राशन मिल सके जिनकी उन्हें जरूरत है.

दिल्ली: दिल्ली के सेक्स वर्करों के घरों पर लॉकडाउन के दौरान राशन का सामान पहुंचाने का काम एक ऐसे युवक ने अपने कंधों पर लिया है जिसके बारे में जानकर आपका दिल खुश हो जाएगा. जी हैं उस युवक का नाम कुणाल है और वह एक सेक्स वर्कर का ही बेटा है. दिल्ली के एक सेक्स वर्कर का बेटा कुणाल, राष्ट्रीय राजधानी में Covid-19 की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान अपने समुदाय के लिए लोगों को आवश्यक चीजें मुहैया करा रहा है. अपने समुदाय के लोगों को जरूरत का सामान पहुंचाने का जिम्मा उसने अपने कंधों पर उठाया है.
कुणाल डोनेशन की मदद से अपने समुदाय की मदद कर रहा है
19 वर्षीय कुणाल यह सुनिश्चित कर रहा है कि जीबी रोड के करीब 800 यौनकर्मियों को वो सभी जरूरत का राशन मिल सके जिनकी उन्हें जरूरत है. कुणाल डोनेशन की मदद से अपने समुदाय की मदद कर रहा है जिसे उसने खुद ही इकट्ठा किया है. उसके इस काम सभी लोग खुश नजर आ रहे हैं और उसकी मदद करना चाहते हैं. गत 19 अप्रैल 2021 को दिल्ली में जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो कई सेक्स वर्कर्स दिल्ली छोड़कर अपने गांवों की तरफ लौटने लगे. वहीं जो दिल्ली में रुके वह अपनी बचत और पहले के बचे हुए राशन के बल पर अपने बच्चों का पालन-पोषण करने लगे. एक सेक्स वर्कर ने बताया कि दिल्ली में लॉकडाउन लगने के बाद से पुलिस हमेशा कहती है कि अपना दरवाजा बंद करके रखो.
सेक्स वर्कर ने बताया
सब कुछ बंद होने की वजह से उसे अपने बच्चों को खिलाने के लिए उधार लेना पड़ा. उसने बताया कि उसकी सेहत भी ठीक नहीं है लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है. ऐसे में एक सेक्स वर्कर का बेटा कुणाल, सामने आया और उसने अपने समुदाय की मदद करनी शुरू की.सेक्स वर्कर का कहना है कि वह लोग अच्छा मास्क और सैनिटाइजर भी नहीं खरीद सकते हैं. सरकारी मदद के बिना उनके पास न तो हाथ धोने के लिए साबुन या डिटर्जेंट है और न ही खाना बनाने के लिए गैस है. ऐसे में कुणाल और उसके एक दोस्त ने सोचा कि कैसे इन लोगों की मदद की जाए.
कुणाल ने बताया कि उसने एक एनजीओ से संपर्क किया
एनजीओ ने उसे बताया कि वह लोग चावल, दाल, तेल, हल्दी, चीनी और लाल मिर्च पाउडर इकट्ठा कर लोगों में बांट सकते हैं. यह हर घर की दैनिक जरूरत होती है. हाल ही में ओपन स्कूल से 12वीं पास कुणाल ने कहा कि शुरू में पुलिसवालों ने उन्हें यह बांटने में अनिच्छा जताई थी लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि दोनों बच्चे लोगों की मदद करना चाहते हैं और यह अच्छी बात है. कुणाल और उसके दोस्त के पास फिलहाल 200 घरों के लिए राशन किट है.
उनकी योजना 800 परिवारों तक राशन पहुंचाने की है
कुणाल और उसके दोस्त का मानना है कि उन लोगों के लिए सेक्स वर्कर के परिवारों तक पहुंचना काफी आसान है. वह लोग पीपीई किट पहनकर लोगों के घरों में जाकर उन्हें राशन किट बांट रहे हैं. यह लोगों को खुद के पास बुलाने से अधिक सुरक्षित है. उन्होंने बताया- हमें लोगों की मदद के लिए कई कम्युनिटी ग्रुप के साथ ही लाइटअप जैसे एनजीओ की भी मदद मिल रही है.
                                                                                                                दीपक शर्मा

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