जाहिल जमातियों के समर्थन में कट्टरपंथियों ने बबीता फोगट को दीं गालियां तो दहाड़ उठी भारतपुत्री, बोली- मैं जायरा वसीम नहीं जो डर जाउंगी, मैं बबीता हूं”

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ये हमेशा से होता रहा है कि जब भी दुष्टों को, पापियों को, जाहिलों को सच का आईना दिखाया है तो न सिर्फ वह जाहिल बल्कि उसके समर्थक बिलबिला उठे हैं. एक बार फिर से इसी का उदाहरण देखने को मिल रहा है जब अपने फौलादी इरादों भरी पहलवानी से दुनिया बाहर में हिंदुस्तान की ताकत का लोहा मनवाने वाली व भारतमाता का जयगान कराने वाली भारत की बेटी मशहूर पहलवान बबीता फोगट के खिलाफ न सिर्फ मजहबी चरमपंथियों बल्कि कथित नकली सेक्यूलरों व अर्बन नक्सलियों ने भी मोर्चा खोल दिया है तथा बबीता को धमकियां व गालियां दे रहे हैं.

लेकिन हिंदुस्तान की शान, महशूर पहलवान बबीता फोगट इन धमकियों से डरी नहीं हैं बल्कि बबीता ने इन कायरों को करारा जवाब दिया है. भारत की स्टार पहलवान बबीता फोगट ने कहा है कि उन्होंने सच बोला है तथा मैं कोई जायरा वसीम नहीं हैं जो इन कट्टरपंथियों से डर जायेगी, मैं बबीता फोगट हूँ जो इन धमकी देने वालों को न सिर्फ डराऊँगी बल्कि इनको पटखनी भी दूंगी.

इसके पीछे बबीता फोगट का वो ट्वीट है जो उन्होंने देश में कोरोना बम बने तब्लीगी जमातियों के खिलाफ किया था. इस ट्वीट में बबीता ने कोरोना फैला रहे जमातियों को जाहिल कहा था. अर्जुन अवार्डी पहलवान बबीता फोगट ने Twitter पर लिखा था कि कोरोना वायरस भारत की दूसरे नंबर की सबसे बड़ी समस्या है. जाहिल जमाती अभी भी पहले नंबर पर बना हुआ है जिसके बाद वो कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गईं तथा उनको धमकियां दी जाने ललगीं।

इसके बाद 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट बबीता फोगट ने वीडियो पोस्ट कर कहा है कि वह अपने बयान से पीछे हटने वाली नहीं हैंऔर ना ही वो आलोचनाओं से घबरा रही हैं. साथ ही उन्होंने जमातियों और आलोचना करने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने इस वीडियो में कहा, ‘पिछले दिनो से मैंने कुछ ट्वीट पोस्ट किए हैं, जिसके बाद से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं. कुछ लोग सोशल मीडिया पर गालियां दे रहे हैं, धमकियां दे रहे हैं और कुछ लोग फोन करके भी धमकियां दे रहे हैं. मैं उन्हें कहना चाहूंगी कि मैं जायरा वसीम नहीं हूं, मैं धमकियों से नहीं डरने वाली. मैंने देश के लिए लड़ी हुं और मैं अपने ट्वीट पर कायम हूं. जो भी मैंने लिखा, उसमें कुछ गलत नहीं था.’

उन्होंने कहा, मैंने उन लोगों के बारे में लिखा जिन्होंने कोरोना संक्रमण को फैलाया है. मैं आप सबसे पूछना चाहूंगी कि आप ही बताइए कि क्‍या तबलीगी जमात वाले अभी भी नंबर एक पर नहीं बने हुए हैं. क्‍या तबलीगी जमात वालों की संख्‍या अभी भी नंबर एक पर नहीं है. अगर उन लोगों ने इस संक्रमण को नहीं फैलाया होता तो अभी तक लॉकडाउन भी खुल गया होता और हिंन्‍दुस्‍तान से कोरोना भी हार गया होता.

दरअस फिल्म ‘दंगल’ में बबीता फोगाट का ही रोल निभाकर लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली कश्मीरी बाला जायरा वसीम ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया है क्योंकि उनके अनुसार उनके धर्म के कुछ लोगों का मानना है कि ये क्षेत्र उनके लिए अच्छा नहीं हैं और वो बॉलीवुड में रहकर अपने धर्म से धोखा कर रही हैं, उन्हें भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं. इसी कारण बबीता ने कहा है कि वह जायरा वसीम नहीं है जो डर जाएंगी, वह बबीता फोगट है.

बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थिति तब्लीगी जमात के मरकज का मामला सामने आने के बाद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है. देश में 50 फीसदी के करीब कोरोना मरीज या तो जमात के हैं या फिर जमात के कारण हैं. जमातियों के काले कारनामे यहीं रुके हैं, बल्कि उन्होंने कई जगह अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ नर्सों के साथ अभद्रता, अश्लीलता व छेड़खानी भी की है. यही कारण है कि बबीता फोगट ने इनको जाहिल जमाती कहा था जो सत्य है क्योंकि उन्हीं इलाज करने वाली नर्सों से अश्लीलता व डॉक्टरों पर हमले जाहिल लोग ही कर सकते हैं.

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