निर्भया के दोषी पवन का कानूनी सलाहकार से मिलने से इनकार, अभी भी बचे हैं दो विकल्प

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निर्भया का दोषी पवन (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: साल 2012 में दिल्‍ली में हुए निर्भया गैंगरेप मामले में चारों गुनहगारों के फांसी पर चढ़ाए जाने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, नई-नई बातें भी निकलकर सामने आ रही हैं। दोषियों में से एक पवन गुप्ता ने शनिवार को कोर्ट द्वारा नियुक्त अपने कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इनकार कर दिया है। मौत के ताजा वारंट के बाद पवन गुप्ता के पास लंबित कानूनी उपायों का प्रयोग करने से संबंधित कोई बातचीत नहीं हो पाई है। आपको बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। नए डेथ वारंट के मुताबिक, अब चारों दोषियों पवन गुप्ता, विनय शर्मा, मुकेश सिंह, अक्षय कुमार सिंह को एक साथ 3 मार्च की सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी।

इसके बाद 17 जनवरी को कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी करते हुए फांसी की तारीख आगे बढ़ाते हुए 1 फरवरी की थी और फांसी का वक्त सुबह 6 बजे का तय किया था। लेकिन दोषियों की ओर से कोर्ट और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की जाने की वजह से इस दिन फांसी नहीं हो सकी थी। निर्भया केस पर एक नजर बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिकल स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी। दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए।

इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था। इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था। बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था। यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ दिया गया था।

पवन के पास अभी दो विकल्प और बचे है-

निर्भया के चारों गुनहगारों में से सिर्फ पवन ही ऐसा है, जिसपर दो विकल्प बचे हुए है। मुकेश के पास कोई विकल्प नहीं बचा है, विनय की क्यूरेटिव और दया याचिका खारिज हो चुकी है। वहीं, पवन के पास अभी क्यूरेटिव और दया याचिका के दोनों विकल्प है।

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