मिशन कश्मीर फतह के बाद बोले गृहमंत्री अमित शाह, अब वामपंथी उग्रवादियों का खात्मा होगा लक्ष्य

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मिशन कश्मीर फतह के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने अपना नया लक्ष्य तय कर लिया है. कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद गृहमंत्री शाह ने वामपंथी उग्रवाद/नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया है. इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कल दिल्ली में बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्रियों – नीतीश कुमार (बिहार), नवीन पटनायक (ओडिशा), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), कमलनाथ (मध्य प्रदेश), रघुबर दास (झारखंड) और भूपेश बघेल (छत्तीसगढ़) के अलावा नक्सलवाद से प्रभावित 10 राज्यों के शीर्ष पुलिस और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

गृह मंत्री बनने के बाद अमित शाह ने सोमवार को पहली बार जो बैठक बुलाई तो वो सिर्फ़ और सिर्फ़ नक्सल समस्या और उसके समाधान को लेकर बुलाई गई. बैठक में दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के महानिदेशकों को भी आमंत्रित किया गया था. हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बैठक में शामिल नहीं हो सके और उनकी जगह उनके राज्य के पुलिस महानिदेशकों ने बैठक में शिरकत की.

बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वामपंथी उग्रवाद पर नियंत्रण के लिए इनको होने वाली फंडिंग पर नकेल कसने की जरूरत है. अमित शाह के इस बयान के बाद लाल सलाम बोलकर भारत विरोधी कृत्यों को अंजाम देने वाले वामपंथी उग्रवादियों में खलबली मच गई है. राज्यों के साथ बैठक में गृहमंत्री ने साफ़ कहा कि बंदूक के बल पर विकास और लोकतंत्र को झुकाने में वामपंथी उग्रवाद कभी सफल नहीं होगा बल्कि हम इसका खात्मा करेंगे.

बैठक में गृहमंत्री शाह ने कहा, वामपंथी उग्रवाद पर नकेल के लिए उन्हें उपलब्ध होने वाले धन को रोकना मूलमंत्र है. इससे उनके खाने-पीने, घूमने, हथियारों की खरीद और प्रशिक्षण को रोका जा सकता है. बैठक के दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवादी सत्ता हथियाने एवं अपने लाभ के लिए सबसे कम विकसित क्षेत्रों में निर्दोष लोगों को गुमराह कर रहे हैं लेकिन पीएम मोदी मोदी जिस नए भारत के निर्माण की बात करते हैं, उसमें वामपंथी उग्रवाद के लिए कोई जगह नहीं है तथा इसका खात्मा किया जाएगा. वामपंथी उग्रवाद को लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्यों की साझा लड़ाई की जरूरत बताई.

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