NCB को नहीं मिला ड्रग्स, फिर भी शोविक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

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हालांकि रेड में एनसीबी की टीम को शोविक और सैमुअल के घर से ड्रग्स नहीं मिला. लेकिन तब भी इन दोनों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. जानते हैं क्या कहता है NDPS कानून

सुशांत सिंह राजपूत मामले में आज एनसीबी ने बड़ा एक्शन लिया. ड्रग्स को लेकर रिया और सैमुअल मिरांडा के घर पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. हालांकि इस रेड में एनसीबी की टीम को शोविक और सैमुअल के घर से ड्रग्स नहीं मिला. लेकिन तब भी इन दोनों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. जानते हैं क्या कहता है NDPS कानून.

क्या गिरफ्तार होगा रिया चक्रवर्ती का भाई?
NDPS कानून के मुताबिक, ये जरूरी नहीं कि किसी शख्स या आरोपी के पास से ड्रग्स बरामद हो तभी उसको गिरफ्तार किया जाएगा या उसे सजा होगी. NDPS की कई धाराओं में अगर किसी शख्स के पास से ड्रग्स डीलिंग से जुड़े दस्तावेज यानी व्हाट्सएप चैट्स, ड्रग्स खरीद फरोख्त में मनी ट्रेल के सबूत, CRD कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड भी गिरफ्तारी के लिए काफी हैं. सबसे अहम है कि NCB के सामने NDPS एक्ट 1985 के सेक्शन 67 के तहत दिए गए आरोपियों के बयान मायने रखते हैं. NCB के सामने दिए बयान कोर्ट में दिए बयान के बराबर हैं.

दोनों पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है. क्योंकि सुशांत सिंह की मौत के मामले में ड्रग्स कनेक्शन की जांच कर रही NCB ने दो अहम किरदारों जैद और बासित को ड्रग्स की व्हाट्सएप चैट्स, मनी ट्रेल के सबूत की बरामदगी के आधार पर गिरफ्तार किया है. इन्हीं की गिरफ्तारी से शोविक और मिरांडा के ड्रग्स की खरीद फिरोख्त से जुड़े होने के सबूत NCB को मिले हैं. यानी साफ है कि शोविक और मिरांडा उनके खिलाफ पुख्ता सबूत NCB के पास होने की बात को झुठला नही पाएंगे.

बट ड्रग्स की खरीद फरोख्त पर सजा कितनी ? 

NDPS की धाराओं में बट ड्रग्स की खरीद फरोख्त में कम से कम 1 साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक सजा का प्रावधान है. एनसीबी साउथ वेस्ट रीजन के डिप्टी डायरेक्टर एमए जैन के मुताबिक, NDPS एक्ट के सेक्शन 67 के तहत  शोविक और मिरांडा को इन्वेस्टिगेशन जॉइन करने के लिए कहा गया है. हमने शोविक के घर से इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी कलेक्ट किये हैं. अरेस्ट के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है.

Amarjeet Kaur

 

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