पिता से किया झगड़ा किया व घर से रूठ कर कर भाग गई.. रास्ते में मिला मोहम्मद अजीम फिर 1 महीने तक होता रहा उसका दुष्कर्म

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ये खबर उन लड़कियों को जरूर पढ़नी चाहिए आधुनकिता की दौड़ में अंधी होकर खुद को कूल ड्यूड मानने लगती हैं. इतनी ज्यादा आधुनिक कि उन्हें अपने माता पिता ही दुश्मन नजर आने लगते हैं. आधुनिक होना कोई गुनाह नहीं है बल्कि सफलता ले लिए आधुनिकता जरूरी भी है लेकिन जब आप आधुनिकता की दौड़ में यही भूल जाएँ कि आप सही हैं या गलत.. आपको अपने माता पिता दुश्मन तथा अजनबी लोग अपने नजर आने लगें तब आपके साथ वो सब होने के चांस बढ़ जाते हैं जो इस युवती के साथ हुआ.
मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहाँ एक युवती के साथ मोहम्मद अजीम नाम के हैवान ने बंधक बनाकर 1 महीने तक बलात्कार किया है. ये युवती अपने पिता झगड़ा करने के बाद रूठकर घर से भाग निकली. भोपाल रेलवे स्टेशन पर उसे एक व्यक्ति मिला. बात हुई तो युवती ने उस अनजान व्यक्ति को सारी बात बताई कि पिता से झगड़ा करने के बाद उसने घर छोड़ दिया है. उस व्यक्ति ने उसे ढांढस बंधाया तथा कहा कि पिता से ऐसे गुस्सा नहीं करना चाहिए. दरअसल युवती की मानसिक दशा को समझने के बाद मोहम्मद अजीम ने उसे फंसाने के लिए ये सारी बातें कहीं.
इसके बाद युवती के साथ वो हुआ जिसे हैवानियत की, दरिंदगी की पराकाष्ठा कहा जाता है. जिस व्यक्ति से भोपाल रेलवे स्टेशन पर युवती मिली थी, उसका नाम था मोहम्मद अजीम. युवती की कथित मॉडर्न मानसिक स्थिति का मोहम्मद अजीम ने पूरा फायदा उठाया तथा बातों में उलझा लिया. अब युवती पूरी तरह से मोहम्मद अजीम के चंगुल में आ चुकी थी. इसके बाद अजीम युवती को नवीन नगर, ऐशबाग स्थित अपने घर ले गया जहां रात में युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया.
मोहम्मद अजीम की हैवानियत यहीं नहीं रुकी बल्कि उसने युवती को बंधक बना लिया तथा 1 महीने तक बलात्कार करता रहा. हैवान मोहम्मद अजीम युवती को दिन में कमरे में बंधक बनाकर चला जाता और रात में आकर उसका शारीरिक शोषण करता था. मोहम्मद अजीम इसी तरह एक माह तक युवती का शारीरिक शोषण करता रहा महीने भर बाद युवती किसी तरह बंधन मुक्त होकर भाग निकली तथा घर पहुंच आपबीती सुनाई.
खैर, अब इस मामले में पुलिस अपनी कार्यवाई कर रही है लेकिन सवाल यही है कि क्या युवती की आबरू वापस आ सकेगी? क्या युवती जीवन में कभी इस दर्दनाक घटना को भूल सकेगी? लेकिन इससे भी बड़ा सवाल ये है कि इसमें दोष किसका है? क्या कथित आधुनिकता की आंधी में इतना अंधा होना उचित है कि अपने पिता की बात बुरी लगे और एक अनजान इंसान पर भरोसा किया जाए? खैर जब-जब ऐसा किया जाता है तब-तब यही होता है.
हम उम्मीद करते हैं कि पुलिस हैवान मोहम्मद अजीम को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ खड़ी कार्यवाई करेगी तो वहीं दिल दहला देने वाली इस वारदात से उन कूल ड्यूड टाइप युवतियों को सीख भी मिलेगी जो मॉडर्न बनने की दौड़ में सही और गलत का भेद भी भूल जाती हैं. ये भी जरूरी है कि महिला स्मिता, महिला स्वाभिमान, महिला आबरू के साथ खेलने वाले बहशी दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दी जाये तो वहीं ये भी जरूरी है कि हम, हमारी माताएं-बहनें आधुनिकता की फर्जी दौड़ में, कूल ड्यूड बनने की होड़ में सही और गलत के भेद को भी न भूल जाएँ।
नोट- इस पोस्ट के माध्यम से महिलाओं की भावनाओं को आहात करना मेरा उद्देश्य नहीं है बल्कि मैंने समाज के उस सच को, उस हकीकत को सामने रखा है, जिससे या तो हम वाकिफ होना ही नहीं चाहते या फिर जानबूझकर इस हकीकत से मुंह छिपाने के लिए पर्दा डाल लेते हैं.

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