कानपुर: दो मानव तस्कर गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर खाड़ी देशों में भेजते थे महिलाएं

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दोनों तस्कर अब तक दर्जनों महिलाओं को खाड़ी के देशों में भेज चुके हैं इन्हें दिल्ली मुंबई और कर्नाटक के एजंटों से 30 से 50 हजार रुपए मिलते थे.

कानपुर: नौकरी का झांसा देकर महिलाओं को ओमान, कतर, कुवैत, सऊदी अरब आदि खाड़ी देशों में भेजने वाले गिरोह के दो मानव तस्करों को क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चार दिन पूर्व ओमान में बंधक उन्नाव की 40 वर्षीय महिला के पति ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा लिखाया था। आरोपितों ने बताया है कि उन्होंने एक वर्ष में 19 महिलाओं को खाड़ी देशों में भेजा है। पुलिस ने उन महिलाओं को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय व उन देशों के भारतीय दूतावासों से संपर्क किया है। साथ ही गिरोह के बेंगलुरु (कर्नाटक), दिल्ली, पंजाब राज्यों में मौजूद बड़े एजेंटों की तलाश की जा रही है।

यह है पूरा मामला

9अप्रैल को उन्नाव कांशीराम कॉलोनी निवासी राजमिस्त्री रामू ने कर्नलगंज थाने में शिकायत कर बताया था कि कॉलोनी की एक महिला ने कर्नलगंज निवासी अतीकुर्रहमान और इफ्तिखाराबाद निवासी मुजम्मिल से पत्नी की पहचान कराई थी। दिसंबर में अतीकुर्रहमान ने उनकी पत्नी को ओमान के अस्पताल में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। रामू को भी समझाया और 40 हजार रुपये लेकर पत्नी का पासपोर्ट बनवाया। पांच जनवरी को टूरिस्ट वीजा पर पत्नी व दूसरी महिला को ओमान भेज दिया गया। कुछ दिन बाद रामू के पास पत्नी का फोन आया। उन्होंने बताया कि ओमान में एक कफील के छह मंजिला घर पर बंधक बनाकर रखा है। फोन, पासपोर्ट छीन लिया है। विदेशियों के घरों पर जबरन काम कराते हैं, शारीरिक शोषण भी हो रहा है। रामू ने अतीकुर्रहमान व मुजम्मिल से पत्नी को वापस बुलाने के लिए कहा तो आरोपितों ने टिकट के 22 हजार रुपये मांगे। जैसे-तैसे रामू ने रकम उन्हें दी। आरोप है कि आरोपितों ने फिर एक लाख रुपये मांगे और धमकाया कि रकम लाओ, वरना पत्नी को दोबारा नहीं देख पाओगे। तब रामू ने पुलिस से गुहार लगाई और पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी।

डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल का कहना है
उन्होंने विदेश मंत्रालय भारत सरकार और ओमान में भारतीय राजदूत से संपर्क किया है. पीड़िता को रिलीज कराने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने इन दोनों एजेंटों द्वारा भेजी गई अन्य महिलाओं के परिजनों से बात की. इसके अलावा जो महिलाएं खाड़ी के देशों से वापस आ चुकी हैं उनसे भी बात की. डीसीपी का कहना है कि इनमें से कई महिलाओं ने भी यही बताया कि वहां पर उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था.
                                                                                                        दीपक शर्मा 

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