दिल्ली में पलायन को मजबूर हिंदू परिवार, घरों के बाहर चिपकाए “मकान बिकाऊ है” लिखे पोस्टर

0
22
दिल्ली का मौजपुर .. नाम तो याद ही होगा आपने? ये वो जगह है जहाँ फरवरी 2020 में नागरिकता संसोधन अधिनियम CAA के विरोध के नाम पर हिंसा हुई थी, आगजनी हुई थी तथा हिन्दू विरोधी दंगे हुए थे. लोगों को क्रूरता पूर्वक मार दिया गया था, मकानों को दुकानों को आग लगा दी गई थी. ऐसा केवल मौजपुर में नहीं हुआ था बल्कि उसके आस पास के कई इलाकों में हिंसा व दंगों का नंगानाच हुआ था.
अब यहीं से एक और बड़ी खबर सामने आई है. खबर के मुताबिक़, दंगा प्रभावित इलाकों से हिन्दू परिवार के लोग पलायन को मजबूर हैं. ये लोग आसपास के दूसरे समुदाय के लोगों की धमकियां उनकी दहशत के कारण परिवार सहित अन्य स्थान पर जाने की कोशिशों में जुट गए हैं. परिवारों का आरोप है कि उन्हें आए दिन धमकियां मिलती रहती हैं। हम दहशत में जी रहे हैं, इन लोगों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ हैं कि पोस्टर भी लगा दिए हैं.
पिछले 2 दिन से इलाके में मौजपुर, मोहनपुरी, मधुबन मोहल्ला इलाके में रहने वाले कई परिवार दहशत में हैं. ऐसे में कई लोगों ने अपने घरों के बाहर डर के कारण मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगा दिए हैं और यहां से पलायन करना चाहते हैं. पोस्टर्स पर साफ़ साफ़ लिखा है कि धर्म विशेष के लोगों के डर से मकान बिकाऊ है.
आपको बता दें कि दंगों में पकड़े गए कुछ परिवार हिंदू समुदाय के भी हैं. इन परिवारों का कहना है कि वह दहशत में जी रहे हैं. आए दिन उन्हें धमकियां मिलती हैं. डराया जाता है. जिससे उनका जीना मुश्किल हो गया है. यही कारण है कि ऐसे लोगों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर चिपका दिया है कि यह मकान बिकाऊ है.
हाल यह है कि ये लोग पुलिस में शिकायत करने से भी डर रहे हैं और खुलकर बात भी नहीं करना चाहते. 24 फरवरी को जिस तरीके से वहां दंगे हुए इससे कई लोगों को संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा. कई लोगों की जान भी गई. मोहनपुरी, मधुबन मोहल्ला, मौजपुर जैसे इलाकों में लोग डर-डर कर जी रहे हैं. आपको बता दें कि इन इलाकों में 15 से 16 परिवार रहते थे, जिनको आरोप में जेल भेजा गया था, ये लोग दंगे के वक्त उस इलाके में नहीं थे. अपने घरों में थे या बहुत से लोग खुद पुलिस की मदद कर रहे थे. अब यह परिवार इस इलाके से पलायन करने को मजबूर है.
मोहल्ले में रहने वाले एक परिवार ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उनका बेटा जेल में डाल दिया गया, जिसका कोई कसूर नहीं था. बल्कि वह पुलिस की मदद ही कर रहा था. अब हालत यह है कि आसपास के लोग उनके परिवार को धमकियां दे रहे हैं और कहते हैं कि उन्हें यहां नहीं रहने दिया जाएगा. एक ही साथ इन परिवारों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है. रिश्तेदारों से पैसे मांग कर गुजारा करना पड़ रहा है, इसीलिए घर के बाहर पोस्टर लगा दिए गए हैं कि यह मकान बिकाऊ है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here