DELHI ELECTION 2020: चांदनी चौक में कांग्रेस की ओर से आप के साहनी को टक्कर देंगी अलका लांबा

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दिल्ली चुनाव 2020 का बिगुल बज चुका है, जहां चुनाव के लिए मतदान होने में अब 15 दिन से भी कम का वक्त बचा हैं. तो वही आम आदमी पार्टी ने चांदनी चौक सीट से कांग्रेस के पूर्व नेता प्रहलाद सिंह साहनी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने आप के टिकट पर 2015 में इलाके से विधायक बनने पर अलका लांबा पर दांव लगाया हैं.
बता दें कि बीजेपी ने चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में आने वाली चांदनी चौक सीट पर सुमन कुमार गुप्ता को टिकट दिया हैं. 2015 में भी इस सीट पर इन तीनों उम्मीदवारों की टक्कर ही देखने को मिली थी.
1993 के बाद से बीजेपी को नहीं मिली जीत
1993 में चांदनी चौक सीट पर आखिरी बार बीजेपी को जीत मिली थी. 1993 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार वासदेव 50 फीसदी वोट हासिल करके जीत दर्ज करने में कामयाब रहे थे. इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार एम एम अग्रवाल को 41 फीसदी वोट मिले थे. इन दोनों के अलावा कोई और उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाया था. 1993 के विधानसभा चुनाव के बाद से बीजेपी दोबारा कभी भी इस सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब नहीं हो पाई है.
कांग्रेस का गढ़ रही हैं चांदनी चौक सीट
1998 के बाद से 2015 तक चांदनी चौक विधानसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है. इस सीट पर कांग्रेस के पूर्व नेता प्रलहाद सिंह ने लगातार चार बार जीत दर्ज की. 1998 में प्रलहाद सिंह को 48 फीसदी, 2003 में 60 फीसदी, 2008 में 46 फीसदी और 2013 में 38 फीसदी वोट हासिल करके जीत दर्ज की. इन चारों चुनाव के दौरान बीजेपी चांदनी चौक सीट पर दूसरे नंबर पर ही रही.
2015 में हुआ उलटफेर
2015 में कांग्रेस से आप में शामिल हुई अलका लांबा को पार्टी ने चांदनी चौक सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. अलका लांबा करीब 50 फीसदी वोट हासिल करके जीत दर्ज करने में कामयाब हुईं. पिछले चुनाव में सबसे बड़ा झटका चार बार के पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह को ही लगा. प्रहलाद सिंह केवल 24 फीसदी वोट हासिल करने में कामयाब हुए और उन्हें तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा. बीजेपी उम्मीदवार सुमन कुमार गुप्ता 25 फीसदी वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे.
2020 में बदला सतुंलन 
2015 की तरह 2020 में भी चांदनी चौक सीट पर कांग्रेस नेता और कांग्रेस के पूर्व नेता के बीच मुख्य मुकाबला है. हालांकि इस बार आप और कांग्रेस दोनों के चेहरे बदल चुके हैं. चार बार के विधायक प्रहलाद सिंह कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हो चुके हैं, जबकि अलका लांबा घर वापसी करके कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही है. बीजेपी ने इस बार भी सुमन कुमार गुप्ता पर ही दांव लगाया है.

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