अमेरिका भागीं साइंटिस्ट का दावा- चीन की Wuhan Lab में बना था Coronavirus

0
137

कोरोना वायरस की महामारी को लेकर चीन पर साजिश का आरोप लगता रहा है. अब चीन की ही एक मशहूर वायरॉलजिस्ट ने कहा है कि वह इसके सबूत भी पेश करेंगी और साबित करेंगी कि वायरस इंसानों का बनाया था. हॉन्ग-कॉन्ग स्कूल चीन की वायरॉलजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान ने दावा किया है कि पेइचिंग को कोरोना वायरस के बारे में तब ही पता चल गया था महामारी फैलना शुरू नहीं हुआ था. यह दावा करने के बाद से वह अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हैं.

हाल ही में वह Loose Women पर आईं और दावा किया कि चीन की सरकार ने सरकारी डेटाबेस से उनकी सारी जानकारी हटा दी है. डॉ. यान ने दावा किया है कि वुहान मार्केट में कोविड-19 शुरू होने की खबरें छलावा हैं. उन्होंने दावा किया है कि वह एक रिपोर्ट पब्लिश करने वाली हैं जिसमें वायरस के इंसानों के हाथों बनाए जाने के सबूत हैं. डॉ. यान अपनी जान बाने के लिए अमेरिका चली गई हैं.

डॉ. यान ने कहा है कि पहली बात तो यह है कि वुहान के मीट मार्केट को पर्दे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और वायरस प्राकृतिक नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि वायरस कहां से आया तो उन्होंने कहा कि वुहान के लैब से. उन्होंने कहा कि जीनोम सीक्वेंस इंसानी फिंगर प्रिंट जैसा है. इस आधार पर इसकी पहचान की जा सकती है. मैं इस सबूत के आधार पर लोगों को बताऊंगी कि कैसे यह चीन की लैब से आया है.

डॉ. यान ने दावा किया कि उनकी जानकारी चीन के डेटाबेस से हटा दी गई है. उनके साथियों को उनके बारे में झूठी खबरें फैलाने के लिए कहा है. उनका कहना है कि कोरोना वायरस को स्टडी करने वाले पहले वैज्ञानिकों में से एक वह हैं. उन्होंने दावा किया है कि दिसंबर 2019 के आखिर में उनकी यूनिवर्सिटी के सुपरवाइजर ने उनसे SARS जैसे केस के क्लस्टर देखने के लिए कहा है/ उनका कहना है कि मौत के बढ़ते आंकड़े के चलते उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सच लोगों के सामने लाएं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here