अरबाज खान ने बॉलीवुड नेपोटिज्म को लेकर कही ये बड़ी बात, अभिनेता का छलका दर्द

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बॉलीवुड एक्टर और फिल्म मेकर अरबाज खान का इंटरव्यू काफी चर्चे में है। इस इंटरव्यू में अरबाज ने सुशांत सिंह राजपूत के केस में कैसे उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया और इसका उनपर क्या असर पड़ा है? इस बारें में खुलकर बात किया है।

साथ ही साथ उन्होंने बॉलीवुड नेपोटिज्म, नार्कों टेस्‍ट को लेकर काफी कुछ बातें शेयर किया है। एक न्यूज पोर्टल से बात करते हुए अरबाज खान ने कहा कि लगातार ट्रोलिंग के कारण कई कलाकारों को न केवल प्रोफेशनल बल्कि व्यक्तिगत मानसिक तौर पर भी नुकसान पहुंचा है। वह बीते साल को लेकर कहते हैं , ” ट्रोलिंग ने बहुत सारे लोगों को बर्बाद कर दिया। ट्रोलर्स ऐसा कर क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे थे और वे किसको नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे थे? ये पता नहीं ।

लेकिन इसने बहुत से लोगों को बर्बाद किया। जो इससे निकलना जानते थे वह बाहर निकल गए लेकिन जिन्हें नहीं पता था वो वह वाकई में डूब गए। इससे बहुत से लोगों को इससे मानसिक क्षति और पेशेवर क्षति हुई है और यह निराधार है। जब देश में अदालतें हैं तो हम मीडिया में लोगों का सर्च कर रहे हैं।”

बता दें कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद अरबाज खान ने बीते साल मुंबई के सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर करवाया था, अरबाज ने उन सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिन्होंने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और उनकी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में उनकी संलिप्तता का आरोप लगाया था।

इस केस में अरबाज, और उनकी फैमली को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया था। उनपर सोशल मीडिया यूजर्स भाई-भतीजावाद , पक्षपात और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप भी लगा था। इसके अलावा और भी कई सारे अपशब्दों से अरबाज को बुलाया गया था।

अरबाज ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में जो हुआ वह फनी था। क्योंकि बिना किसी आधार पर किसी को कुछ भी कह देना और उसे ही गुनहगार मान लेना फिर बाद में जानबूझ कर ऐसी प्रतिक्रिया देना जो काफी दर्द देने वाला हो, ये सब केवल एक प्रवृत्ति है एक जैसे लोगों की। या यूं कहें तो ये एक झूंड है ऐसी मानसिकता रखने वालों की |

ऐसे लोगों के बीच में रहना बेहद कठिन है।अभिनेता ने कहा कि सच्चाई के लिए कोई सम्मान नहीं था और केवल अभिनेताओं को गाली देने पर जोर दिया गया था। वह आगे कहते हैं कि यहां तक ​​कि उनके रिश्तेदार भी उनसे पूछने के लिए फोन करते थे कि क्या यह वास्तव में “सच्चाई” है। लोग फोन करके पूछते, ‘क्या अरबाज ने ऐसा किया?’ तब आपको एहसास होता है कि लोग इसे गंभीरता से लेते हैं।”

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